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सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में ठंडी तासीर की सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बजाय खा सकते हैं ये सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, डायटीशियन से जानें
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सवाल यह होता है कि कौन सी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को खाया जाठऔर कौन सी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को अपनी डाइट में कम किया जाà¤à¥¤ दिठटिपà¥à¤¸ आपके बेहद काम आ सकते है
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आने वाली हैं। à¤à¤¸à¥‡ में ये पता होना बेहद जरूरी है कि इस मौसम में कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚ और कà¥à¤¯à¤¾ नहीं। जिन सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की तासीर ठंडी होती है लोग उनà¥à¤¹à¥‡ अपनी डाइट से निकाल देते हैं। बता दें कि सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का असर सीधे आपके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर पड़ता है। इसके अलावा इस मौसम में कम à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€à¤œ के चलते लोग को वजन बढ़ने या कबà¥à¤œ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो जाती है। लोग जलà¥à¤¦à¥€ इस मौसम में खांसी, जà¥à¤•ाम, बà¥à¤–ार, रूखी तà¥à¤µà¤šà¤¾, मà¥à¤°à¤à¤¾à¤ बाल आदि के शिकार à¤à¥€ हो जाते हैं। इन सब से बचने के लिठखान पीन का बेहतर होना बेहद जरूरी है। आज हम इस लेख के माधà¥à¤¯à¤® से आपको बताà¤à¤‚गे कि सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में किन सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन आपके लिठसही है। पढ़ते हैं आगे...
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में कदम रखने का मतलब है आलसी à¤à¤°à¥‡ माहौल में कदम रखना। à¤à¤¸à¥‡ में हमारे दिमाग में सबसे पहले सवाल ये आता है कि इस मौसम में कि कà¥à¤¯à¤¾ खाया जाठऔर कà¥à¤¯à¤¾ नहीं।
याद रखें, हर सबà¥à¤œà¥€ की अपनी à¤à¤• खासियत होती है। कोई à¤à¥€ सबà¥à¤œà¥€ इतनी बà¥à¤°à¥€ नहीं है कि वह किसी à¤à¥€ कारण से सेवन करने के लिठअयोगà¥à¤¯ हो। लेकिन रंगीन और मौसमी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और फल हमेशा सेहतमंद आहार का हिसà¥à¤¸à¤¾ बनते हैं।
खीरे का सेवन
गरà¥à¤®à¥€ में खीरे को सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाया जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसकी तासीर ठंडी होती है। इसके अलावा खीरे में विटामिन à¤, फाइबर, फॉलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ आदि पोषक ततà¥à¤µ पाठजाते हैं। लेकिन सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में इसकी जगह लोग गोà¤à¥€, गाजर आदि को अपनी डाइट में जोड़ लेते हैं। सरà¥à¤¦à¥€ में à¤à¤¸à¥€ चीजों का सेवन करें जिस की तासीर गरà¥à¤® हो।
तोरई का सेवन
ठंडी तासीर वाली तोरई को खाने से गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पानी की कमी नहीं होती। इसके अलावा इसके अंदर विटामिन सी à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है इनका सेवन सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ किया जा सकता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पानी की कमी को पूरा करते हैं इसलिठये तà¥à¤µà¤šà¤¾ को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ करने में à¤à¥€ मददगार है। इसके अलावा कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² पर नियंतà¥à¤°à¤£ करने के लिठà¤à¥€ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। लोग इसे अपनी डाइट में जोड़ à¤à¥€ सकते हैं और इनकी जगह आप कà¥à¤› हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ जोड़ सकते हैं।
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में आहार में शामिल की जाने वाली सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, नारंगी और पीले रंग की सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚:
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मौसम में हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ सबसे जलà¥à¤¦à¥€ खराब होने वाली सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हैं। पालक से लेकर गोà¤à¥€ में बीटा - कैरोटीन (विटामिन ठका पà¥à¤°à¥€à¤¸à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤°), विटामिन सी और के से à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है। ये सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ विटामिन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, कॉपर, आयरन से à¤à¥€ à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं।
बता दें कि गोà¤à¥€, शलजम इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ जैसी गà¥à¤£à¤•ारी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ गà¥à¤²à¥‚कोसाइनोलेटà¥à¤¸ के समृदà¥à¤§ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ बनती हैं।
गाजर: कैरोटीनॉयड à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र हैं।
चà¥à¤•ंदर: इनमें मौजूद बीटालिन में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट और à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£ होते हैं।
शकरकंद: यह à¤à¤• शीतकालीन सबà¥à¤œà¥€ है जिसमें à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पोषक ततà¥à¤µ पाठजाते हैं। ये à¤à¤¨à¥à¤¥à¥‹à¤¸à¤¾à¤‡à¤¨à¤¿à¤‚स की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के कारण à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£ रखती है
अनà¥à¤¯ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚:
सेम की तरह अनà¥à¤¯ मौसमी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में फ़ाइटोनà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤à¤‚टà¥à¤¸ जैसे आइसोफ़à¥à¤²à¥‡à¤µà¥‡à¤‚स आदि की à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में है।, इसके अलावा आहार में फाइबर की मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ मौजूद होती है। इसलिठअपने नियमित आहार में मौसमी को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ रंगों की विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ (400 गà¥à¤°à¤¾à¤®) को शामिल करें।
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